Sunday, 10 January 2016

कुछ मेरी कलम से kuch meri kalam se **: माँ

कुछ मेरी कलम से kuch meri kalam se **: माँ

माँ शब्द मेरा पुरा जहान है जो शब्दो से बयां नही  हो सकता 

जिसके बिना मेरी जिदगी अधुरी सी है ............. 

 आज मेरी माँ की पुण्य तिथि है ..

माॅ तेरी याद .............
   माँ तु मेरे पास है 
                      दुर होकर भी आस पास है।
  माँ तु मेरे साथ नही 
                       पर तेरी परछाई मेरे साथ है।
  तु दुर सितारो मे कही 
                        पर रोशन मेरा जहान है।
  हर दुख खुशी मे बदलता है
                         क्योकी तेरा आर्शिवाद है।
  हर कदम मे हिम्मत देता
                         तेरा संस्कार है।
  बहते आंसु रुक जाते है
                         माँ ये तेरा एहसास है।
  लड़खड़ाये कदम सम्भल जाते है
                         हमेशा जो तु मेरे साथ है।
 माँ तु मेरे पास है 
                       दुर होकर भी आस पास है।

कुछ मेरी कलम से kuch meri kalam se **: माँ

कुछ मेरी कलम से kuch meri kalam se **: माँ

माँ शब्द मेरा पुरा जहान है जो शब्दो से बयां नही  हो सकता जिसके बिना मेरी जिदगी अधुरी सी है ............. आज मेरी माँ की पुण्य तिथि है ..